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बेबाक ललकार
जिन क्षेत्रों को हिंदुस्तान अपना बताता था, अब हक जताने भी लगा है

(अनिल सक्सेना/बेबाक ललकार)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता में आने के बाद चीन से अच्छे संबध बनाने का प्रयास किया। वे पांच बार चीन के दौरे पर गए जो अब तक के हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री का चीन का यह सबसे ज्यादा बार दौरा था। सन् 2014 के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कम से कम 18 बार मुलाकात नरेन्द्र मोदी की हो चुकी है।

हिंदुस्तान और चीन के बीच तनाव की शुरूआत अक्साई चीन में स्थित गलवान घाटी को लेकर हुई। हिंदुस्तान का कहना है कि गलवान घाटी के किनारे चीनी सेना के कुछ टंेट देखे गए और इसके बाद ही भारत सक्रिय हुआ । दूसरी ओर चीन का आरोप है कि भारत गलवान घाटी के पास रक्षा संबंधी गैर कानूनी निर्माण कर रहा है। गौरतलब है कि गलवान घाटी विवादित क्षेत्र अक्साई चीन में है और हिंदुस्तान -चीन सीमा के नजदीक स्थित है। यहां पर वास्तविक नियंत्रण रेखा अक्साई चीन को हिंदुस्तान से अलग करती है। सन् 1962 की जंग के दौरान भी गालवन नदी का यह क्षेत्र युद्व का प्रमुख केन्द्र रहा था ।

सच तो यह है कि अब हिंदुस्तान की सरकार मुखर हो गई है और जिन क्षेत्रों पर वो अपना अधिकार बताता रहा है, अब उन पर अधिकार जताने भी लगा है। इसमें कोई दो राय नही है कि पहले के मुकाबले हिंदुस्तान बहुत शक्तिशाली हुआ है।

15 और 16 जून की रात हिंदुस्तान और चीन के आमने-सामने के संघर्ष में हिंदुस्तान की सेना के एक अधिकारी सहित 19 जवान शहीद हुए है। दोनो ही देश एक दुसरे पर एलएसी का सम्मान नही करने का आरोप लगा रहें है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि चीनी पक्ष ने एकतरफा तरीके से मौजूद स्थिति को बदलने का प्रयास किया इसलिए 15 जून की शाम और रात को एक हिंसक झड़प हुई जिसमें दोनो तरफ के लोग हताहत हुए । उन्होने बताया कि चीन ने उच्च स्तर पर बनी सहमति का ठीक तरह से पालन किया होता तो इसको टाला जा सकता था ।

बताया जाता है कि हिदुंस्तान और चीन के बीच सीमा विवाद बहुत उलझा हुआ है , अब देखना यह है कि दोनो देशों के बीच भविष्य में होने वाली बातचीत क्या मोड़ लेती है लेकिन लगता नही है कि यह विवाद जल्दी निपटने वाला है।

हिंदुस्तानियों के लिए खुशी की बात यही है कि जिन क्षेत्रों को हिंदुस्तान अपना बताता था अब सरकार उसपर हक जताने लगी है भले ही पाक अधिकृत कश्मीर का मामला हो या चीनी सीमा विवाद हो । इधर विपक्ष भी कह रहा है कि इन मामलों में हम सरकार के साथ है।

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