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Lalkar / Delhi * उधोगो को लेना होगा निर्णय * Bebak kalam * मुख्यमंत्री गहलोत ने सोशल मीडिया डे पर संदेश दिया * केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला * मीडिया को डर कैसा * जिला पुलिस विशेष टीम की सफलता * करना सब कुछ आपको है , हम क्या करे , हम तो सरकार है * राजस्थान मीडिया एक्शन फ़ोरम का सवाल * पूर्व चिकित्सा मंत्री सराफ ने चिकित्सा मंत्री पर लगाए आरोप *
राजस्थान में चिकित्सा के क्षेत्र में नया वातावरण तैयार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्र सरकार के निर्णय लेने से पहले ही राजस्थान में लाॅकडाउन कर दिया था और देखा यह गया है कि गहलोत सरकार के अब तक के लिए निर्णय प्रदेश के लिए लाभदायक सिद्व हुए है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 3 जून तक के आंकड़ों पर नजर दोड़ाए तो अब तक मिले 9652 संक्रमित मरीजों में केवल 2699 एक्टिव केस बचे है जबकी 6744 मरीज कोरोना से रिकवर हो चुके है। इसका मतलब यह है कि राजस्थान में रिकवर रेट बुधवार तक 69.87 प्रतिशत रहा है। जबकी स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के अनुसार देश में 3 जून को रिकवरी रेट 48.04 फीसदी है।

राजस्थान के प्रभारी महासचिव पूर्व सांसद अविनाश पांडे बताते है कि प्रदेश की सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए त्वरित कदम उठाए और पीड़ित एवं जरूरतमंद लोगों को हर संभव सरकारी मदद मुहैया कराई जा रही है।

राजस्थान की आबादी 2020 के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार 7 करोड़ 91 लाख है और अभी तक कोरोना मरीजों की संख्या दस हजार के करीब पहुंच चुकी है। अब तक 203 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेश के 15 जिलों के 21 केन्द्रों पर कोरोना की जांच की सुविधा जारी है।

चिकित्सा मंत्री डा. रघु शर्मा के अनुसार आने वाले दिनों में सभी जिलों में जांच सुविधाएं विकसित की जाएगी । उन्होने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में 18 हजार 250 जांच प्रतिदिन कराने की सुविधा विकसित हो चुकी है और आने वाले दिनों में यह आंकड़ा 25 हजार तक पहुच जाएगा । चिकित्सा मंत्री ने बताया कि कोविड के अलावा बीमारियों के उपचार के लिए 550 मोबाइल ओपीडी वैन चलाई गई है। जिसमें लाखों लोग लाभान्वित हो चुके है।

प्रदेश में आमजन को घर बैठे ऑनलाइन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ई-संजीवनी पोर्टल शुरू किया। जहां हजारों लोग सीधे या ई-मित्र के जरिए परामर्श और उपचार ले चुके हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा एसएमएस अस्पताल, जयपुरिया, ईएसआई अस्पताल को कोविड फ्री कर दिया है और सभी जिलों में बड़े अस्पतालों को कोविड फ्री किया जा रहा है, आम बीमारियों का इलाज सुनिश्चित किया जा सके। सभी राष्ट्रीय कार्यक्रम, टीकाकरण व अन्य कार्यक्रम जारी रह सकें। सभी रूकी हुई सर्जरी व अन्य बीमारियों के इलाज करने के भी निर्देश जारी किए जा चुके हैं। राज्य में चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया वातावरण बन रहा है।

डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश के सभी निजी चिकित्सालयों को कोविड पीड़ितों के इलाज के लिए भी सरकार ने पाबंद किया, जिससे लोगों को राहत भी मिली। जिन अस्पतालों ने इलाज में आनाकानी की उन्हें चेतावनी भी दी और उनके खिलाफ कार्यवाही भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए विधायक कोष की राशि आगामी 2 वर्षो तक केवल स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं से आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी और प्रदेशवासी निरोगी रह सकेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि निरोगी राजस्थान अभियान को गति और मजबूती देने के लिए प्रदेश के सभी राजस्व गांवों से 1-1 महिला और पुरुष चयन किया जा रहा है। जून माह में चयन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। ऎसे व्यक्ति जो स्वेच्छा से आमजन की सेवा करना चाहते हैं, उन्हें इस पुनीत कार्य के लिए चुना जाएगा। ये स्वास्थ्य मित्र राज्य और केंद्र सरकार की स्वास्थ्य से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव, ढाणी-ढाणी तक ले जाने का काम करेंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा योजनाओं का लाभ उठा सकें। ये स्वास्थ्य मित्र विभाग के ब्रांड एंबेसेडर बनकर लोगों को स्वस्थ रहने के लिए भी प्रेरित करेंगे।

इसमें कोई दो राय नही है कि कोरोना काल में राजस्थान सरकार के मुखिया अशोक गहलोत के मार्गदर्शन में चिकित्सा मंत्री डा.रघु शर्मा ने प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्था को चाक चौबंद करने का पूरा प्रयास किया और इसमें वे सफल भी रहे। दूसरी ओर राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडे चिकित्सा सुविधा और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सरकार के द्वारा किए जा रहे कार्यो पर नजर रखे रहे और समय-समय पर दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं ।

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