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कोरोना ने इंसान को सच का आईना दिखाया, क्या हम सुधरे ? * हिंदुस्तानी है, इतिहास गवाह है हम मुसीबत से घबराते नही है, हरा देते है * राजस्थानी भाषा के संरक्षण में कारगर साबित होगा कैलेंडर- धीरज श्रीवास्तव * मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रदेशवासियों से अपील की * भाजपा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ ब्लैक पेपर जारी किया * मैं मौत के मूंह में , लगा इतिहास दोहराया जा रहा है * क्या हमारी भी कोई जिम्मेदारी बनती है ? * अपने और परिवार के बचाव के लिए वैक्सीन लगवाइए, गाइडलाइन की पालना कीजिए * कपासन विधायक प्रत्याशी आनंदी राम खटीक के सुपुत्र विवान चावला की प्रथम पुण्यतिथि पर कपासन विधानसभा क्षेत्र सहित चित्तौड़गढ़,बेगू, बड़ीसादड़ी और निम्बाहेड़ा में भी श्रद्धा सुमन अर्पित कर दी श्रद्धांजलि * कौन डर रहा है वसुंधरा राजे से *
कोरोना ने इंसान को सच का आईना दिखाया, क्या हम सुधरे ?
कोरोना ने इंसान को सच का आईना दिखाया, क्या हम सुधरे ?

(अनिल सक्सेना/ ललकार)

‘दीन दयाल बिरिदु संभारी , हरहु नाथ मम संकट भारी‘

रामायण की इस चोपाई को मेरी माॅं हमेशा बुदबुदाती रहती है । आज रामनवमी के अवसर पर सुबह मुझे उन्होने बताया कि मेरे सभी संकट तो भगवान राम ही हर लेते है, बस उन्हे मन से और विश्वास से याद करने की जरूरत है। मेरा विश्वास है कि मेरे जीवन में भी भगवान हनुमान जी ने बहुत चमत्कार दिखाए । मां और पिता जी के दिए संस्कारों के कारण ही मै और मेरा परिवार भी आध्यात्मिक है और मेरे बेटे शाश्वत सहित हम सभी यह मानते है कि

‘होइहि सोइ जो राम रचि राखा‘। को करि तर्क बढ़ावै साखा ।।

अस कहि लगे जपन हरिनामा।। गई सती जहॅं प्रभु सुखधामा।।

अर्थात जो कुछ राम ने रच रखा है , वही होगा । तर्क करके कौन विस्तार बढ़ावे , मन में ऐसा कहकर भगवान शिव हरि का नाम जपने लगे और सती वहां गई जहां सुख के धाम प्रभु राम थे ।

एक शक्ति है जो दुनिया को चला रही है। अब ऊपर ना कोई नर्क है या ना कोई स्वर्ग । अब तो आप अच्छा कीजिए तो यहीं इस संसार मंे अच्छा मिलेगा और बुरा कीजिए तो जैसा आप करेंगे वैसा ही ब्याज समेत आपको इस जीवन में ही मिलेगा ।

कोरोना ने इंसान को सच का आईना दिखा दिया है। आज की खबर थी कि लोग ठेकेदारों के द्वारा अपने ही रिश्तेदारों का अंतिम संस्कार करवा रहे है और अंतिम संस्कार में, वे स्वयं उपस्थित नही है। कोरोना होने पर अपने ही करीबी को अकेला छोड़ने के लिए हम मजबूर हो गए है। कोरोना पीड़ित खुद अपनी मौत से लड़ रहा है ,कोई भी उसका अपना नजदीक नही है ।

इस कोरोना ने कैसे-कैसे दिन दिखा दिये है ‘हमें‘ । सवाल यह है कि क्या फिर भी हम सुधर गए है ? क्या हमने अपना-पराया छोड़ दिया है ? क्या हमने ईष्या करना छोड़ दिया है ? क्या हमने स्वार्थ छोड़ दिया है ? क्या हमने दूसरों को नीचा दिखाना छोड़ दिया है ? क्या हमने लालच छोड़ दिया है ? कोई कालाबाजारी के लिए सामान एकत्रित कर रहा है तो कोई अपनी जान बचाने के लिए आॅक्सीजन सिलेंडर का पहले से ही संग्रहण कर रहा है। सवाल यह है कि क्या हम कोरोना की भयावहता को देखकर सुधरे है तो जवाब है ‘नही‘, हम ऐसा कुछ नही कर पाए और आज भी हम नही सुधरे है।

समझ लीजिए अब पूरा कलयुग आ गया है और अब भी हम नही सुधरे , प्रकृति से खिलवाड़ करना नही छोड़ा तो कोरोना जैसे परिणाम तो हमें भुगतने ही होगें । भगवान हनुमान जी हमें सरकार, चिकित्सकों और अन्य अच्छे लोगों के मार्फत बचाना चाहतें है तो हमें भी चाहिए कि हम सरकार की गाइडलाइन और चिकित्सकों की सलाह से कार्य कर अपना, अपने परिवार का, मोहल्लेवासियों का, जिलेवासियों का, प्रदेशवासियों का और देशवासियों का जीवन बचाने में लग जाए।

‘जय हिंद, जय राजस्थान‘

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