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कौन डर रहा है वसुंधरा राजे से
कौन डर रहा है वसुंधरा राजे से

(अनिल सक्सेना/ललकार)

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की खबरें आजकल लगाताार आ रही है, कभी गुटबाजी को लेकर तो अभी उनके जन्मदिन के अवसर पर एकत्रित हुए भाजपा नेताओं को लेकर । कुछ एक दो मीडिया संस्थान से जुडे़ पत्रकार तो हाथ धोकर पीछे पड़े है, यह बताने के लिए कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा.सतीश पूनिया और वसुंधरा राजे के बीच कथित मनमुटाव है। कभी -कभी तो यह भी लगता है कि केन्द्रीय भाजपा आलाकमान से भी ज्यादा चिंता दूसरों को है।

सच तो यह है कि भाजपा नेताओं को यह लग रहा है कि अब उनकी सरकार आ रही है और कुछ बड़े नेता मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहें है । इन भाजपा नेताओं की महत्वकांक्षा गलत भी नही है। राजनीति में जिसकी महत्वकांक्षा नही है, वह सच मंे नेता भी नही है।

भाजपा और कांग्रेस दोनो ही दलों में केन्द्रीय आलाकमान ही अंतिम रूप से तय करते है कि कौन मुख्यमंत्री बनेगा। इसी तरह से राजस्थान में भी अगर सरकार बनती है तो भाजपा केन्द्रीय आलाकमान ही तय करेगा कि कौन राज करेगा । इसमें भी कोई दो राय नही है कि आज भी नरेन्द्र मोदी के नाम पर ही जीत तय होती है।

डा. सतीश पूनिया एक कुशल संगठक और जमीन से जुड़े नेता है और उनकी कार्यशैली से लगता है कि वे सिफारिश पर ध्यान नही देकर अच्छे और योग्य नेताओं को आगे लाना चाहतें है। अब देखते है कि पूनिया कितने अच्छे और योग्य युवाओं को आगे ला पाएंगे ? वहीं वसुंधरा राजे की लोकप्रियता आज भी प्रदेश में सबसे ज्यादा बनी हुई है । राजे में भीड़ जुटाने के साथ ही भीड़ को वोट में तब्दील करने की ताकत है। केन्द्रीय भाजपा नेतृत्व वसुंधरा की ताकत को अच्छी तरह समझते है और यह भी सच है कि प्रदेश में सतीश पूनिया को भाजपा के चेहरे के रूप में केन्द्रीय नेतृत्व ही आगे ला रहा है।

अभी मेवाड़ में महाराणा प्रताप की प्रतिमा को लेकर जो विवाद सामने आ रहा है उसकी गहराई में जाने से यह जानकारी मिली कि कांग्रेस से भी ज्यादा प्रदेश भाजपा ने इस मामलें को सोशल मीडिया में उछाला और यह मामला आमजन तक लेकर यही भाजपा नेता गए । लोगों को तो इस मामलें की जानकारी भी नही थी लेकिन इन भाजपा नेताओं ने महाराणा प्रताप की मूर्ति के मामले में दी सफाई से सभी को अवगत करा दिया कि आयोजकों से अनजाने में गलती हुई है। अरे भाई अनजाने में गलती हो गई , माफी भी मांग ली फिर सफाई क्यों ? क्या पूनिया का मीडिया प्रबंधन कमजोर है ? क्या उनका प्रबंधन ही अनजाने में हुई गलती को आमजन तक पहुंचा रहा है ? सवाल बहुत है लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से डर कौन रहा है और क्यों डर रहा है ? ( Since 1949 ललकार समाचार)

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