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अचंभित रह गया मैं, वकील के अंतिम संस्कार की कहानी
अचंभित रह गया मैं, वकील के अंतिम संस्कार की कहानी

(अनिल सक्सेना/ललकार)

आज गुरूवार को ‘ललकार हाउस‘ में परिवार सहित भोजन कर रहा था। खाना बनाने वाली बाईजी ने कहा दो महिलाएं आई है , आपको बुला रही है । मैंने स्कूल से लौटी अपनी पत्नी से कहा, तुम देखो तो बाईजी ने कहा कि मैडम को नही, आपको बुला रही है । मैं खाना छोड़कर उठा और उपर से ही देखा तो हमारे मोहल्ले के श्री नारायण जी भाईसाहब वाली भाभी तो दूसरी अखबार की एजेंसी वाली भाईसाहब की पत्नी थी । अखबार की एजेंसी वाली भाभी ने बताया कि मेरे किरायेदार की मौत हो गई है , आर्थिक स्थिति ठीक नही है, आप नगर पालिका से लावारिस लाश के रूप में अंतिम संस्कार करवा दिजिए ।

मैंने उनसे कहा कि वो लावारिस नही होकर आर्थिक रूप से कमजोर माने जाएंगे , कुछ हमारी भी जिम्मेदारी बनती है। मैं ही अंतिम संस्कार का पूरा खर्चा दे देता हूं। मुझे जानकारी थी कि एक अंतिम संस्कार में कितना खर्चा लगता है, उतना लाकर मैने उन्हे दे दिया और कहा कि और भी खर्च हो तो मुझे बता दीजिए। कुछ समय के बाद जीतेश श्रीवास्तव का मोबाइल आया और अंतिम यात्रा वाली गाड़ी की जानकारी ली ।

इसके बाद मैं अपने कार्यो में व्यस्त हो गया । शाम को जब याद आया तो मैंने जीतेश से मोबाइल कर पूछा तो उन्होने बताया कि भैया, आपके द्वारा दिए रूपयों से अंतिम संस्कार हो गया था । उन्होने यह भी बताया कि हम आस-पास के लोग भी अंतिम संस्कार में थे और समाजसेवी महिलाओं ने भी पूरी मदद की ।

यह सब तो एक सामान्य प्रकिया थी लेकिन अचंभित होने वाली बारी तब आई जब जीतेश ने बताया कि मरने वाले का नाम फलाना था और वो पेशे से वकील था ।

सच तो यह है कि इस कोरोना काल ने मध्यम वर्ग को आर्थिक रूप से पूरी तरह तोड़ा है । मैने बार-बार लिखा है कि गरीब और धनी को इस काल में कोई फर्क नही पड़ा । गरीब की मदद सरकार के साथ ही समाजसेवियों और सामाजिक संस्थाओं ने की और अमीर को ज्यादा फर्क पड़ा नही। असर तो मध्यम वर्ग को पड़ा जो अपनी इज्जत के नाम पर कुछ बताता नही है और अन्दर ही अन्दर टूटता रहता है । सरकार मध्यम वर्ग को पूछती भी नही है तो दूसरी ओर यह वर्ग अपनी झूठी इज्जत को बचाने में ही लगा रहता है।

आप सभी से आग्रह है कि जब भी लगे कि आपके आस-पास वाला कोई व्यक्ति परेशान है , जरूर पूछिए, सांत्वना दीजिए और हो सके तो मदद भी कीजिए । (Since 1949 ललकार समाचार पत्र)

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