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क्या कांग्रेस पूरी तरह खत्म हो जाएगी तब पार्टी का सिस्टम चेंज होगा ?
क्या कांग्रेस पूरी तरह खत्म हो जाएगी तब पार्टी का सिस्टम चेंज होगा ?

(अनिल सक्सेना/ललकार)

सोशल मीडिया प्रबंधन के मामले में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के लोकप्रिय राजनेताओं में से सबसे ज्यादा माहिर माने जाते है । सोशल मीडिया का बेहतर प्रयोग और उपयोग करने में शायद ही कोई उनकी बराबरी कर सके । भाजपा भी उनके पदचिन्हो पर चलकर ही नम्बर एक पार्टी बनी ।

सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफाॅर्म जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम , लिंक्डइन आदि पर भाजपा बहुत आगे है। सोशल मीडिया पर करोड़ों भाजपा समर्थक है , आप एक बार भाजपा के खिलाफ बोल के तो देखो, ऐसा लगेगा जैसे पूरी दुनिया ही मोदी और भाजपा समर्थक है। शायद यह उनका मीडिया प्रबंधन ही है, जिसके कारण कांग्रेस कुछ अच्छा भी करती है तो वो जनता के सामने गलत रूप में आता है, जैसे कांग्रेस ने अपराध कर दिया हो।

अभी राहुल गांधी अपनी नानी की तबियत पूछने गए तो भाजपा ने उनकी आलोचना की और कांग्रेस अपने कमजोर मीडिया प्रबंधन के कारण सही ढंग से जवाब भी नही दे पाया । कांग्रेस के कुछ स्थापित रणनीतिकार नेताओं में दम्भ भी है और इसी कारण वो आमजन की भावनाओं के करीब नही पहुंच पाते है कि आखिर देश का आमजन चाहता क्या है ? कांग्रेस की समस्या यह है कि सोनिया और राहुल गांधी को सलाह देने वाले अधिकांश जनाधारविहीन नेता है, जिन्हे जमीनी हकीकत की जानकारी ही नही है। वहीं दूसरी ओर नरेन्द्र मोदी जमीन से उठे नेता है, जो आमजन की भावनाओं को अच्छी तरह से समझते है।

राजस्थान और मध्यप्रदेश के मामले में भी कांग्रेस आलाकमान की कमजोर निर्णय क्षमता और कुप्रंधन ही सामने आया । कांग्रेस को चिंतन करने की जरूरत है कि ऐसा क्यों हुआ कि राजस्थान और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में कांग्रेस के विधायकों में असंतोष पैदा हुआ ? क्या असंतोष पैदा करने के पीछे कांग्रेस का आलाकमान तो जिम्मेदार नही है ? राजस्थान में तो अशोक गहलोत जैसे परिपक्व नेता थे जिन्होने कांग्रेस सरकार को बचा लिया बाकी यह सरकार भी जाने ही वाली थी । आश्चर्यजनक बात तो यह है कि राजस्थान के तत्कालीन प्रभारी की कुशल रणनीति का इनाम देने की जगह उन्हे हटाने के बाद अब भी कांग्रेस अपने विधायकों का असंतोष कम नही कर पर रही है।

कांग्रेस आजादी के बाद वाले अपने ढरे पर ही चलना चाहती है और इनके नेता पुराने तरीके से ही पार्टी चला रहे है लेकिन इन्हे समझना होगा कि अब देश में कांग्रेस की स्थिति मजबूत नही रही है और ना ही राजनीति करने का तरीका आजादी के बाद का रहा है । दिल्ली के एक बड़े नेता कहतें है कि ‘अनिल जी, कांग्रेस पुरानी पार्टी है इसलिए सिस्टम चेंज होने में समय लगेगा।‘ सवाल यह है कि क्या जब कांग्रेस पूरी तरह खत्म हो जाएगी तब कांग्रेस का सिस्टम चेंज होगा । ( 1949 ‘ललकार‘ समाचार पत्र)

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