मुख्य पृष्ठ पर वापिस जाये
क्या श्रम क़ानून के ऐतिहासिक बदलाव से श्रमिक और नियोक्ता दोनो को मिलेगा फायदा * कृषि विधेयक का विरोध कितना जायज * एहतियात बिना क्या कोरोना बद से बदतर होगा ? * एहतियात बिना क्या कोरोना बद से बदतर होगा ? * कहां जा रही है टीवी पत्रकारिता और हम * अभी राजस्थान कांग्रेस में सबकुछ अच्छा नही * अभी राजस्थान कांग्रेस में सबकुछ अच्छा नही * विशेष समिति निभाएगी सोनिया गांधी के लिए निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी * राजस्थान सरकार के ट्रबल शूटर रहे अविनाश पांडे और अन्य नेताओं को दी अहम जिम्मेदारी * क्या कांग्रेस को आत्मविश्लेषण की जरूरत है ? *
विश्व आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री ने दी कई सौगातें
विश्व आदिवासी दिवस पर 127 करोड़ के 41 कार्यांे का शिलान्यास एवं लोकार्पण

जनजाति क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं रखी जाएगी -अशोक गहलोत

जयपुर (ललकार): मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए योजनाएं बनाने में राज्य सरकार ने कोई कमी नहीं रखी है। टीएसपी क्षेत्र सहित टाडा और माडा क्षेत्र में विकास कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। बिखरी हुई आबादी के विकास में आगे भी कोई कमी नहीं रखी जाएगी। गहलोत विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को जैसलमेर से वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से 127.85 करोड़ रूपये के 41 कार्यांे के शिलान्यास एवं लोकार्पण के बाद संबोधित कर रहे थे। जनजाति क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने 98.76 करोड़ रूपये के 28 कार्यों का शिलान्यास और 29.09 करोड़ रूपए के 13 कार्यों का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने पूरे आदिवासी समाज को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई दी और कहा कि सभी की भावनाओं का सम्मान करते हुए हमने इस दिन प्रदेश में अवकाश घोषित किया है। हमारा उद्देश्य है कि इस दिन आदिवासी समाज की समस्याओं पर विचार-विमर्श हो, अभी तक की उपलब्धियों पर चर्चा करने के साथ ही भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा भी तय की जाए। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि आज हर ग्राम पंचायत में क्षेत्रीय आदिवासी समाज के लोगों ने समाज की समस्याओं पर चिंतन-मनन किया।

गहलोत ने श्री मावजी महाराज, श्री गोविंद गुरू, वीरबाला कालीबाई एवं मानगढ़ के शहीदों को याद किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनजाति क्षेत्रों सहित पूरे प्रदेश में बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सड़कों के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने जैसलमेर में जनजाति छात्रों के लिए 50 बेड की क्षमता का छात्रावास खोलने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाड़मेर एवं जोधपुर में भी जनजाति छात्रों के लिए हाॅस्टल खुलेंगे। जोधपुर में जनजाति छात्रों के लिये कोचिंग सेन्टर खोला जाएगा ताकि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र के विकास के लिए हमारी सरकार सदैव तत्पर रही है। हमारी पिछली सरकार के समय रतलाम से डूंगरपुर वाया बांसवाड़ा ब्राॅडगेज रेल लाइन का सपना पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने 200 करोड़ रूपये रेलवे को दिये थे, जमीन अवाप्ति भी हुई थी और तत्कालीन यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी ने उसका शिलान्यास भी किया था लेकिन सरकार बदलने के बाद यह काम अधूरा रह गया। गहलोत ने कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू के जमाने से ही सबसे पिछड़े लोगों, वनवासियों एवं आदिवासी समाज को मुख्य धारा मंे लाने और उनके विकास के लिए प्रयास शुरू किये गये थे। पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी एवं श्री राजीव गांधी का भी आदिवासी समाज से विशेष लगाव था। स्व. राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री बनते ही राजस्थान सहित विभिन्न राज्यांे के आदिवासी क्षेत्रों का दौरा कर पिछड़े क्षेत्रों के विकास का संदेश दिया था। वीसी के दौरान डूंगरपुर पंचायत समिति, बांसवाड़ा की छोटी सरवन सहित अन्य पंचायत समिति में बैठे सरपंचों से मुख्यमंत्री ने संवाद भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों ने जैसलमेर जिले के जनजाति समुदाय के 12वीं एवं 10वीं कक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जनजाति क्षेत्र विकास राज्य मंत्री अर्जुन सिंह बामनिया ने कहा कि जनजाति क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए सर्वश्रेष्ठ कोचिंग संस्थानों से टाई-अप किया जा रहा है। आईएएस की तैयारी के लिए 10 प्रतिभावान छात्रों को दिल्ली भेजा जाएगा। जनजाति क्षेत्र में खेल प्रतिभा को उभारने के लिए टूर्नामेंट आयोजित किये जाएंगे।

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की सचिव गायत्री राठौड़ ने कार्यक्रम की शुरूआत में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा, सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना, शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा, विधायक महेन्द्रजीत सिंह मालविया, डाॅ. दयाराम परमार, रमीला खडिया, गणेश घोघरा, फूलसिंह मीणा सहित जनजाति क्षेत्र के कई विधायक भी उपस्थित थे।

Share News on