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हिंदुस्तान में कोरोना के बढ़ते मामले चिंताजनक * कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडे ने Get well soon Governor अभियान शुरू किया * मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता में भाजपा पर लगाए आरोप * यौन उत्पीड़न के मामले में मीडिया ट्रायल नही हो , लेकिन दोषी संस्थान और व्यक्ति बच नही पाए * क्या हनुमान बेनीवाल की राजनीति गहलोत-वसुंधरा का विरोध कर ही परवान चढ़ेगी ? * विश्व हिन्दू पर्सनल लॉ बोर्ड सनातनी का गठन * डॉ सेठिया जिला संयोजक और पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रतन गाडरी सहसंयोजक बने * कलक्टर, एस. पी. और अन्य अधिकारियों ने किया पौधरोपण * विधायक आक्या ने अच्छी वर्षा की कामना हेतु पदयात्रा की * अविनाश पांडे ने राजस्थान कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी , समस्त विभागों , प्रकोष्ठ को भंग किया , डोटासरा की बिना अनुमति के मीडिया से कोई संवाद नही करेगा *
बढ़ता संक्रमण, जिम्मेदार कौन ?
बढ़ता सक्रमण, जिम्मेदार कौन ?

(अनिल सक्सेना/ललकार)

राजस्थान में प्रतिदिन संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है और कोरोना से मरने की भी खबरें सामने आ रही है। नियमानुसाार राजस्थान सरकार विधानसभा सत्र आहूत करना चाहती है और राज्यपाल जानकारी के अभाव की दुहाई देकर विधानसभा सत्र होने नही दे रहें है। विधानसभा सत्र को लेकर अशोक गहलोत सरकार और राजभवन के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। सोमवार को राजभवन ने राज्य सरकार की सत्र आहूत करने संबंधी फाइल लौटा दी । राजभवन ने संसदीय कार्य विभाग को वापस भेजी फाइल में सरकार से कुछ जानकारी मांगी है।

इधर कांग्रेस के द्वारा ‘लोकतंत्र बचाओ-संविधान बचाओ अभियान शुरू किया जा रहा है और उधर राजभवन जानकारी के अभाव में सरकार को होटल में ही बंद रखने के लिए अमादा है लेकिन राजस्थान की जनता की चिंता किसी को भी नही है।

मैंने पहले भी लिखा था कि अब तक के लगभग ढाई दशक के पत्रकारिता के कार्यकाल में यही सीखा कि सत्ता पक्ष से सवाल पूछना, हमारी पहली जिम्मेदारी है। लेकिन सवाल राजस्थान के सत्ता पक्ष से पूछे या केन्द्र में राज कर रहे सत्ता पक्ष से । मेरा यह मानना है कि आज की परिस्थिति में जिस तरह से कोरोना के मरीज बढ़ रहे है,बेरोजगारी बढ़ रही है और आमजन के लिए स्थितियां विकट हो रही है, उसको देखते हुए राज्य की सत्ता और केन्द्र की सत्ता दोनो ही से सवाल पूछना जरूरी है। क्या राजस्थान की जनता ने आप दोनो को वोट देकर सत्ता पर इसलिए ही आसीन किया कि जब आमजन मुसीबत में हो, तब आप लोग राजनीति-राजनीति खेलें।

अभी देश में कोरोना संकटकाल चरम पर है, देश का आम आदमी कई परेशानियों का सामना कर रहा है । निम्न तबके , निम्न मध्यमवर्गीय और मध्यमवर्गीय परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट मुंह फाड़े खड़ा हुआ है। देश के इन वर्गो को अपने परिवारों की चिंता है, इस संकट से उबरने की चिंता है, इस बीमारी से छुटकारा कैसे मिले ,उसकी चिंता है । आम आदमी इस संकटकाल में कोई राजनीति नही चाहता है । देश का आम आदमी अपनी परेशानियों को भूल कर कोरोना के डर से भयभीत नजर आ रहा है ।

एक आमजन होने के नाते मेरा राजस्थान सरकार और केन्द्र सरकार दोनो से आग्रह है कि हमें राजनीति नही चाहिए हमें कोरोना से छुटकारा चाहिए, आर्थिक परेशानियों से छुटकारा चाहिए । कोरोना से मुक्ति के लिए आमजन परेशानी उठाकर सरकार के निर्देशों को मान भी रहें है तो इस संकटकाल में हर राजस्थानी पूछता है कि ये राजनीति क्यों और कैसी और बढ़ते संक्रमण के लिए जिम्मेदार कौन ?

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