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सवाल जरूर पूछिए , मालिक आप जनता है * क्या श्रम क़ानून के ऐतिहासिक बदलाव से श्रमिक और नियोक्ता दोनो को मिलेगा फायदा * कृषि विधेयक का विरोध कितना जायज * एहतियात बिना क्या कोरोना बद से बदतर होगा ? * एहतियात बिना क्या कोरोना बद से बदतर होगा ? * कहां जा रही है टीवी पत्रकारिता और हम * अभी राजस्थान कांग्रेस में सबकुछ अच्छा नही * अभी राजस्थान कांग्रेस में सबकुछ अच्छा नही * विशेष समिति निभाएगी सोनिया गांधी के लिए निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी * राजस्थान सरकार के ट्रबल शूटर रहे अविनाश पांडे और अन्य नेताओं को दी अहम जिम्मेदारी *
बढ़ता संक्रमण, जिम्मेदार कौन ?
बढ़ता सक्रमण, जिम्मेदार कौन ?

(अनिल सक्सेना/ललकार)

राजस्थान में प्रतिदिन संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है और कोरोना से मरने की भी खबरें सामने आ रही है। नियमानुसाार राजस्थान सरकार विधानसभा सत्र आहूत करना चाहती है और राज्यपाल जानकारी के अभाव की दुहाई देकर विधानसभा सत्र होने नही दे रहें है। विधानसभा सत्र को लेकर अशोक गहलोत सरकार और राजभवन के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। सोमवार को राजभवन ने राज्य सरकार की सत्र आहूत करने संबंधी फाइल लौटा दी । राजभवन ने संसदीय कार्य विभाग को वापस भेजी फाइल में सरकार से कुछ जानकारी मांगी है।

इधर कांग्रेस के द्वारा ‘लोकतंत्र बचाओ-संविधान बचाओ अभियान शुरू किया जा रहा है और उधर राजभवन जानकारी के अभाव में सरकार को होटल में ही बंद रखने के लिए अमादा है लेकिन राजस्थान की जनता की चिंता किसी को भी नही है।

मैंने पहले भी लिखा था कि अब तक के लगभग ढाई दशक के पत्रकारिता के कार्यकाल में यही सीखा कि सत्ता पक्ष से सवाल पूछना, हमारी पहली जिम्मेदारी है। लेकिन सवाल राजस्थान के सत्ता पक्ष से पूछे या केन्द्र में राज कर रहे सत्ता पक्ष से । मेरा यह मानना है कि आज की परिस्थिति में जिस तरह से कोरोना के मरीज बढ़ रहे है,बेरोजगारी बढ़ रही है और आमजन के लिए स्थितियां विकट हो रही है, उसको देखते हुए राज्य की सत्ता और केन्द्र की सत्ता दोनो ही से सवाल पूछना जरूरी है। क्या राजस्थान की जनता ने आप दोनो को वोट देकर सत्ता पर इसलिए ही आसीन किया कि जब आमजन मुसीबत में हो, तब आप लोग राजनीति-राजनीति खेलें।

अभी देश में कोरोना संकटकाल चरम पर है, देश का आम आदमी कई परेशानियों का सामना कर रहा है । निम्न तबके , निम्न मध्यमवर्गीय और मध्यमवर्गीय परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट मुंह फाड़े खड़ा हुआ है। देश के इन वर्गो को अपने परिवारों की चिंता है, इस संकट से उबरने की चिंता है, इस बीमारी से छुटकारा कैसे मिले ,उसकी चिंता है । आम आदमी इस संकटकाल में कोई राजनीति नही चाहता है । देश का आम आदमी अपनी परेशानियों को भूल कर कोरोना के डर से भयभीत नजर आ रहा है ।

एक आमजन होने के नाते मेरा राजस्थान सरकार और केन्द्र सरकार दोनो से आग्रह है कि हमें राजनीति नही चाहिए हमें कोरोना से छुटकारा चाहिए, आर्थिक परेशानियों से छुटकारा चाहिए । कोरोना से मुक्ति के लिए आमजन परेशानी उठाकर सरकार के निर्देशों को मान भी रहें है तो इस संकटकाल में हर राजस्थानी पूछता है कि ये राजनीति क्यों और कैसी और बढ़ते संक्रमण के लिए जिम्मेदार कौन ?

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