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राजस्थान मीडिया एक्शन फ़ोरम का सवाल
क्या प्रसार भारती का रवैया असंतोषजनक है ?

प्रेस एसोसिएशन और आइडब्ल्यूपीसी दोनो ही मीडिया संगठनों ने प्रेस भारती की निंदा की

जयपुर (ललकार): देश की समाचार एजेंसी पीटीआई ने पिछले दिनों लद्वाख में भारत-चीन के बीच चल रहे तनाव के चलते चीनी राजदूत का साक्षात्कार लिया लिया था । इस पर प्रसार भारती ने समाचार एजेंसी पीटीआई को चेतनावनी दी है कि समाचार एजेंसी राष्ट्रीय हितों के अनुरूप काम नही कर रही है इसलिए वह उसकी सेवाएं लेना बंद कर सकता है।

पूरे देश में चीन को लेकर हिंदुस्तानियों में गुस्सा भरा हुआ है और इतिहास को देखा जाए तो चीन ने हमेशा ही हिंदुस्तान को धोखा देने का कार्य किया है। अभी हिंदुस्तानी नही चाहता कि कोई भी देशवासी चीन के पक्ष में बात करे या उसके झूठे बयान को प्रचारित करे। हम मीडिया को भी चाहिए कि हम अभी सिर्फ अपने देश की बात करें । सवाल यह है कि क्या भारतीय मीडिया राष्ट्रहित से बड़ी है ।

राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम के संस्थापक अध्यक्ष अनिल सक्सेना ने कहा कि भारतीय मीडिया का दायित्व मिशन पत्रकारिता के साथ देश के हितों की रक्षा के लिए खड़े रहने और प्रत्येक हिंदुस्तानियों की देशप्रेम की भावनाओं का आदर करना भी है। चीन हमारे सैनिकों को धोखे से मार रहा है, हमारी सीमा में घुसने का प्रयास कर रहा है और इसी के चलते आज हिंदुस्तानियों में चीन के प्रति गुस्सा भरा हुआ है तो किसी भी समाचार एजेंसी को क्या जरूरत है कि वह चीनी राजदूत से उसका पक्ष पूछे । हमारी हिंदुस्तानी सरकार आपको सब कुछ बता तो रही है। सक्सेना ने कहा कि भारतीय मीडिया का सबसे पहला दायित्व हिंदुस्तान के लिए ही है। उन्होने कहा कि यह भी सत्य है कि स्वतंत्र, वस्तुपरक और निष्पक्ष मीडिया लोकतंत्र की बुनियादी शर्त है।

इधर प्रेस एसोसिएशन और आइडब्ल्यूपीसी दोनो ही मीडिया संगठनों ने अपने जारी किये बयान में कहा कि समाचार एजेंसी अपनी पेशवर जिम्मेदारी निभा रही है । दोनो मीडिया संगठनों ने भी यह भी कहा कि इमरजेंसी की 45 बरसी के बीच पीटीआई जैसी संस्था को निशाना बनाया जा रहा है।

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