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महाराष्ट्र सरकार ने चीनी निवेश पर रोक लगाई
मुम्बई - महाराष्ट्र में चीनी कंपनियों के 5000 करोड़ रुपये के निवेश को उद्धव ठाकरे की सरकार ने फिलहाल रोक दिया है।

राज्य की उद्योग राज्य मंत्री अदिति तटकरे ने बीबीसी की मराठी सेवा को बताया कि राज्य की गठबंधन सरकार और केंद्र सरकार ने आपसी सहमति से ये फ़ैसला लिया है।

अदिति तटकरे ने कहा, "चीनी कंपनी ग्रेट वॉल मोटर्स के साथ पिछले महीने समझौता ज्ञापन पर दस्तखत हुए थे. इससे राज्य में रोज़गार के अवसर पैदा होते. लेकिन मौजूदा सीमा विवाद को देखते हुए इन परियोजनाओं को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है. महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार को इसके बारे में जानकारी दे दी है. अब केंद्र सरकार हमें दिशानिर्देश देगी कि इन परियोजनाओं के साथ क्या करना है।"

मंत्री ने बताया, "लॉकडाउन हटाए जाने के बाद मैग्नेटिक महाराष्ट्र कैम्पेन के तहत अलग-अलग देशों से महराष्ट्र में विदेशी निवेश आ रहे थे. महाराष्ट्र सरकार उद्योग जगत को एक स्वस्थ माहौल देने की इच्छा रखती है. इसी वजह से, कुछ चीनी कंपनियां भी महाराष्ट्र में निवेश के लिए इच्छुक थीं. लेकिन गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद तस्वीर बदल गई है. इसलिए जब तक कि केंद्र सरकार की तरफ़ से हरी झंडी नहीं मिलेगी, ये परियोजनाएं रुकी रहेंगी. महाविकास अगाड़ी ने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए ये फ़ैसला किया है।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार में छपी रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र के इंडस्ट्री मिनिस्टर सुभाष देसाई ने कहा कि ये समझौते गलवान घाटी की घटना से पहले हुए थे।

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