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क्या श्रम क़ानून के ऐतिहासिक बदलाव से श्रमिक और नियोक्ता दोनो को मिलेगा फायदा * कृषि विधेयक का विरोध कितना जायज * एहतियात बिना क्या कोरोना बद से बदतर होगा ? * एहतियात बिना क्या कोरोना बद से बदतर होगा ? * कहां जा रही है टीवी पत्रकारिता और हम * अभी राजस्थान कांग्रेस में सबकुछ अच्छा नही * अभी राजस्थान कांग्रेस में सबकुछ अच्छा नही * विशेष समिति निभाएगी सोनिया गांधी के लिए निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी * राजस्थान सरकार के ट्रबल शूटर रहे अविनाश पांडे और अन्य नेताओं को दी अहम जिम्मेदारी * क्या कांग्रेस को आत्मविश्लेषण की जरूरत है ? *
कवि भरत व्यास की कविता
योग दिवस के अवसर पर अभिनेता और कवि श्री भरत व्यास के द्वारा रचित है-

"योग-साधना-गीत"

योग से जीवन हमारा, योग प्राणाधार है ।

योग ही की साधना से, सुन्दर सुखद संसार है ।।1।।

नव सृजन की साधना का, दीप सब मिलकर जलाएँ ।

ॐ सृष्टि स्वर मिलाकर, योग-साधना-गीत गाएँ ।। 2।।

योग जीवन धारा बदले, सभी रोगों का निस्तार है ।

प्रवृति बदले योग से ही, यही प्रकृति का उपकार है ।।3।।

योग शिष्टाचार का, अनुपम बना उपहार हो ।

संस्कृति-संवर्धन का, बस योग से उध्दार हो ।।4।।

आसन-प्राणायाम हैं निराले, इनसे सभी जीवन सँवारें ।

आओ सभी मिल एक स्वर में, योग-साधना-गीत गाएँ ।।5।।

भरत, गढ़चित्तौड़ धारे, इष्ट का दर्शन कराएँ ।

योग है आरोग्य सेतु, योग-साधना-गीत गाएँ ।।6।।

भरत व्यास, गढ़चित्तौड़ चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)से 7597902211, 9079801191

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